हेलो सहेलियों! पीरियड्स (Periods) हर महिला की ज़िंदगी का एक बेहद ही नेचुरल और अहम हिस्सा हैं। लेकिन अफ़सोस की बात ये है कि आज भी हमारे समाज में इस पर खुलकर बात नहीं होती। सही जानकारी न होने की वजह से कई बार हम छोटी-छोटी गलतियाँ कर बैठते हैं, जो बाद में इन्फेक्शन या बड़ी बीमारियों का कारण बन सकती हैं।
आज का यह ब्लॉग सिर्फ एक 'गाइड' नहीं है, बल्कि एक सहेली की तरह आपसे की गई बातचीत है। हम जानेंगे कि सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने का एकदम सही तरीका क्या है, ताकि आप उन 5-7 दिनों में भी पूरी तरह कॉन्फिडेंट, कंफर्टेबल और सुरक्षित महसूस करें।
मार्केट में हज़ारों तरह के पैड्स मिलते हैं, लेकिन आपके लिए कौन सा सही है, यह जानना सबसे पहला स्टेप है।
पैड लगाना सुनने में आसान लगता है, लेकिन सही हाइजीन और तरीका बहुत ज़रूरी है:
पैड को छूने से पहले अपने हाथों को साबुन या हैंडवॉश से ज़रूर साफ़ करें। हम नहीं चाहते कि हाथों के कीटाणु पैड के ज़रिए हमारे शरीर के अंदर पहुँचें।
पैड के ऊपर एक कागज़ का या प्लास्टिक का रैपर होता है। इसे धीरे से खोलें। ध्यान रहे कि पैड के पीछे वाले हिस्से पर एक लंबा कागज़ लगा होगा, उसे अभी न निकालें।
अब पैड के पीछे लगे उस लंबे कागज़ को हटाएं। इससे पैड का चिपचिपा हिस्सा बाहर आ जाएगा।
अपनी पैंटी के बीच वाले हिस्से (Crotch area) पर पैड को सावधानी से रखें और उसे नीचे की ओर दबाएं ताकि वह अच्छे से चिपक जाए। पैड न तो ज़्यादा आगे होना चाहिए और न ही ज़्यादा पीछे।
ज़्यादातर पैड्स में साइड में 'पंख' या विंग्स होते हैं। इनके ऊपर लगा छोटा कागज़ हटाएं और उन्हें अपनी पैंटी के किनारों पर नीचे की तरफ मोड़कर चिपका दें। यह पैड को अपनी जगह से हिलने नहीं देता।
यह सबसे ज़रूरी पॉइंट है। कई महिलाएं सोचती हैं कि अगर पैड पूरा भरा नहीं है, तो उसे बदलने की ज़रूरत नहीं है। यह सोच बिल्कुल गलत और खतरनाक है।
इस्तेमाल किए हुए पैड को लापरवाही से फेंकना न केवल बीमारी फैलाता है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी बुरा है।
| क्या करें? | क्यों करें? |
|---|---|
| दिन में दो बार नहाएं | ताजगी महसूस करने और शरीर की दुर्गंध कम करने के लिए। |
| हाथों को बार-बार धोएं | इन्फेक्शन को फैलने से रोकने के लिए। |
| हेल्दी डाइट लें | आयरन से भरपूर चीज़ें खाएं क्योंकि शरीर से खून कम हो रहा है। |
| भरपूर पानी पिएं | ब्लोटिंग (पेट फूलना) कम करने में मदद मिलती है। |
अगर आपको लगता है कि आपका पैड हर 1-2 घंटे में भर रहा है, तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हैवी फ्लो के लिए Prime Shield की प्योर कॉटन रेंज आपको एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन दे सकती है, लेकिन मेडिकल राय लेना हमेशा बेहतर होता है。
उम्मीद है कि "सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने का सही तरीका" पर यह जानकारी आपके काम आएगी। Prime Shield Sanitary Pads का उद्देश्य आपको ऐसी सुरक्षा देना है जो न केवल लीकेज से बचाए बल्कि आपकी स्किन का भी ख्याल रखे।
कॉटन की कोमलता और रैश-फ्री तकनीक ही एक सुरक्षित पीरियड की पहचान है। अगली बार पैड खरीदते समय अपने कंफर्ट और हेल्थ को सबसे ऊपर रखें।